प्रिय ,भाइयों / बहनों
हम सबने जन लोकपाल बिल के आन्दोलन के दौरान 2011 में देखा किस तरह पूरे देश में लाखों करोडों लोग सडको पर भ्रष्टाचार के विरोध में अन्ना हजारे जी के साथ अहिंसा पूर्वक आन्दोलन किया हम सब उस आन्दोलन का हिस्सा बने लेकिन किन्ही कारणों से आन्दोलन विखरा उन घटनाओं से सबक लेकर यह नई सोच के साथ गैर राजनैतिक संघटन बना रहे है जो साथी पार्टी पछ में नहीं जाना चाहते है और परिवार को चलाते हुए देश /समाज की सेवा करना चाहते है उन सब से मेरी प्रार्थना है कि हम सब को अपने क्षेत्र में संघटित होकर कर देश की सेवा करनी चाहिए

महात्मा गाँधी जी जैसे संत महान पुरुष के विषय में दुनिया में किसी दूसरे के विषय नहीं पड़ा नहीं सुना है नाहि देखा मैं ऐसे महान पुरुष को अपना गुरु मानता हूँ जिनका अन्ना हजारे जी ने अनुशरण किया और मुझे देश भक्ति का पाठ पडाया मेरे गुरु संत हरे कृष्णा बाबा (श्री तुकाराम महाराज जी ) यही आध्याम की शिक्षा थी कि ईश्वर की प्रार्थना और ईश्वरी / सद कार्यो का अनुशरण करना चाहिए

मेरे लिए देश हित ही सर्वोपरि होना चाहिए मैंने मेरा जीवन ईश्वर की प्रार्थना के लिए दिया और मेरा ईश्वर मुझ से यही कहता है कि तू देश में गरीब दीन दुखियों की सेवा कर और मेरे द्वारा किए गए कार्यो का अनुशरण करने की हर संभव कोशिश कर यही मेरी सच्ची भक्ति है यदि तुझे यकीन नहीं तू हर धर्म में देख सद कर्म / निस्वार्थ सेवा / दया /त्याग इत्यादि करने वालों को ही पूजा गया है फिर भी यकीन नहीं तो देश भक्तों ,महापुरषों ,क्रांतिकारियों , संतों को देख इनकी पूजा इनके श्रेष्टतम कर्म की वजह से ही की जाती है यूं कहे ये मरने बाद भी अमर है जिनका सज्जन लोग अनुशरण करते है मैं भी तुझ से ऐसा ही चाहता हूँ तू यही कर यही मेरा आदेश है मैं तुझे हर हालत में मदद करूँगा ही और तू मुझी को प्राप्त करेगा

ऐसा मैंने अपने अनुभव में पाया है जिनको यकीन न हो उनसे मेरे प्रार्थना है कि वो अपने ईश्वर को याद करे इस तरह जैसे बच्चा अपनी माँ के लिए रोता है तो मेरा विश्वास है कि आपका ईश्वर भी यही आदेश देगा क्यों कि हम सब का ईश्वर तो एक ही है

ऐसा मेरा मानना है कि –

मैं अच्छा हूँ या गलत लेकिन मेरी कोशिश हर पल सुधरने की हैं यदि मेरी बदनामी से समाज देश का भला होता है तो खूब बदनामी की जाए फिर मै बदनामी को चुनुँगा

ईश्वर की प्रार्थना के बिना समाज और देश की सेवा संभव नहीं है मेरा किसी भेद भाव नहीं है मैंने अपना जीवन ईश्वर को समर्पित कर चुका हूँ मालिक का आदेश ही मेरे लिए सब कुछ है

मैं सिर्फ ईश्वर की प्रार्थना या ईश्वर को खुश करने के लिए सेवा का कार्य करता हूँ
मेरे लिए ईश्वर से बड कर कुछ और नहीं हैं ऐसी मेरी कोशिश है Date : 02.10.2015

साथियों अन्ना समर्थक गांधीवादी संघ की 11 राज्यों में लग भग सभी जिलों में सक्रीय 10500 सक्रीय साथियों की टीम है जो अपने सामर्थनुसार देश की सेवा कर रहीं है अन्ना आन्दोलन अगस्त 2011 के बाद धीरे –धीरे कोशिस जारी हैं उसी के कारण मध्य प्रदेश में 3000 से अधिक भ्रष्टचारी पकडे गए /सजा हुई और मध्य प्रदेश में 181 सी एम हेल्प लाइन पर तीस लाख से अधिक शिकायतें हुईं यह सब अन्ना समर्थकों के सहयोग से जन जाग्रति कर किया गया ,ग्वालियर व्यापार मेले में अन्ना समर्थक गांधीवादी संघ की प्रदर्शनीय को लग-भग 7 लाख लोगों ने विजिट किया , अन्ना समर्थकों द्वारा सामर्थनुसारपुरे देश में लोगों को जन जाग्रति का कार्य चल रहा है Date : 25.12.2017

मेरा तो ऐसा मानना है निस्वार्थ भाव से देश की सेवा करने अनमोल खुशी मिलती हैं साथ में घर में शांति,सुख ,सम्रधि एक नए जीवन का अहसास होता हैं और फिर हम खुद को ईश्वर के नजदीक पाते है क्योकि राष्ट्र भक्ति भी ईश्वर भक्ति हैं ऐसा करने निश्चित ही ईश्वर की प्राप्ति होती यही हमारा धर्म कि अपने परिवार को चलाते हुए देश की सेवा सत्य और अहिंसा के मार्ग से जीवन भर करते रहें Date: 06.11.2017

हमें स्वार्थी या पार्टी पक्ष के लोगों से सावधान रहना होगा क्यों कि वो झूठे बाते ,षडियंत इत्यादि करेंगे हमें हर हालत में गैर राजनीतिक तरीके से समाज और देश की सेवा सत्य और अहिंसा के मार्ग से करनी होगी इसके के लिए हमें ईश्वर की प्रार्थना करनी होगी तभी हम देश की सेवा निस्वार्थ भाव से कर सकते है Date : 02.05.2017

स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है कि - हर अच्छे , श्रेष्ठक और महान कार्य में तीन चरण होते हैं, प्रथम उसका उपहास उड़ाया जाता है, दूसरा चरण उसे समाप्त या नष्टकरने की हद तक विरोध किया जाता है और तीसरा चरण है, स्वीमकृति और मान्यमता, जो इन तीनों चरणों में बिना विचलित हुये अडिग रहता है, वह श्रेष्ठव बन जाता है और उसका कार्य सर्व स्वीकृत होकर अनुकरणीय बन जाता है।

मित्रों मैंने 24.07.2011 को वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई समाधि पर यह प्रतिज्ञा ली थी कि मैं अन्ना जी का लोकपाल बिल लागू नहीं हो जाता तब तक मैं अर्द्ध वस्त्र (यानि शर्ट नहीं पहनूंगा) ही पहनूंगा इसी कारण आन्दोलन के दौरान मैं अर्द्ध वस्त्र ही पहन कर रहा था जब अन्ना टीम के लोगों को पता लगा तो उन्होंने गाज़ियाबाद में अन्ना पाठशाला दिसम्बर 2011 हुई जिसमें अन्ना जी द्वारा गर्म शाल भेंट की गई जिसके कारण मैंने कपड़े पहनना शुरू किया उस समय अन्ना टीम का कहना था कि लोकपाल निश्चित ही जल्द लागू हो जाएगा लेकिन दो –तीन महीने देखने बाद में मुझे ख्याल आया कि लोकपाल तो अभी लागू नहीं हुआ जो मैंने देश के लिए संकल्प लिया था उसे फिर से सप्ताह में एक मंगलवार अर्द्ध वस्त्र का संकल्प लिया जिसे पालन करने की हर संभव कोशिश करता हूँ या जब मैं घर से ग्वालियर से बाहर होता हूँ तो उस दिन पूर्ण व्रत केवल जल के साथ रखता हूँ जिससे मुझे पता चले देश में गरीबों की भूख क्या होती है और देश के प्रति अपना कर्तव्य न भूल जाऊ कंही स्वार्थ में न हो जाऊ यही कारण हैं मैं अपने देश के लिए अर्द्ध वस्त्र पहनता हूँ यह भी कारण हो सकता है मेरे अन्दर सामर्थ नहीं है देश के प्रति कर्तव्य भूलने की आदत हैं इसी करना संकल्प लेना पड़ा है Date : 26.12.2017

धन्यवाद
प्रार्थी विष्णुकांत शर्मा (गांधीवादी )